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सोमवार, 25 सितंबर 2017

पंडालों की चकाचौंध में मानों गुम होकर रह गयी है भागलपुर की पुरातन दुर्गा-पूजा की परम्परा

शिव शंकर सिंह पारिजात, भागलपुर। पूरे अंग प्रक्षेत्र  भागलपुर में दुर्गा-पूजा का पर्व अनुष्ठानपूर्वक व्यापक पैमाने पर मनाया जाता है। आज यहां तकरीबन 200 स्थानों पर देवी की प्रतिमाएं बैठाई जाती हैं। ब्रिटिश-काल में पटना-हावड़ा लूप रेल लाईन पर स्थित शहरों में बंगाल के बाद भागलपुर के महाशय ड्योढ़ी में ही विशिष्टता पूर्वक दुर्गा-पूजा आयोजित होती थी। तभी तो यह कहावत चल पड़ी थी कि ‘काली कलकत्ते की और दुर्गा महाशय ड्योढ़ी की’। अंग-बंग संस्कृति की विरल समन्वस्थयली  होने के कारण भागलपुर के पूजा की खासियत ये रही कि यह एक विशिष्ट सामाजिक-सांस्कृतिक माहौल में आयोजित होता था जिसमें अंग व बंग की सुरभि मिश्रित रहती थी। पूजा आज भी भागलपुर में विशद् पैमाने पर समरोहपूर्वक मनाई जाती है। पर अब वो पुरानी बात नहीं रही। विशाल पंडालों व डेकोरेशन की होड़ तथा म्यूजिक व आरकेस्ट्रा की शोर में मानों पुरातन परम्पराएं और अनुष्ठानिक शालीनता मानों गुम सी होती जा रही है।

नाथनगर-चम्पानगर के महाशय ड्योढ़ी.

पुराने दिनों को याद करें तो भागलपुर के नाथनगर-चम्पानगर के महाशय ड्योढ़ी में  आयोजित होनेवाली दुर्गा पूजा की ख्याति दूर-दूर तक रही है जिसकी शुरुआत महाशय परिवार के श्रीराम घोष के द्वारा की गई थी जिन्हें बादशाह अकबर ने 1604 में कानूनगो नियुक्त किया था। यहां की पूजा का इतिहास 400 साल पुराना बताया जाता है। पर कुछ पुराने लोग इसे 250 वर्ष पुराना मानते हैं। यहां की खासियत ये है कि यहां मेढ़ पर मेढ़ चढ़ता है, अर्थात भगवती के मेढ़ के उपर  भगवान शंकर का मेढ़ स्थापित किया जाता है। बोधनवमी के दिन यहां कौड़ी लुटाये जाने की परम्परा है, जो यहां की खासियत है।यहां विशाल मेला लगता था, तरह-तरह की दूकानें सजती थीं और बगल का सीटीएस मैदान बैलगाड़ियों से भर जाता था। बड़ी संख्या में दूर-दराज के लोग दर्शन को आते थे और अंगभूमि की पूरी संस्कृति मानों साकार हो उठती थी।

सरकार बाड़ी आपनी पहचान आज भी बना रखा है.

महाशय ड्योढ़ी, मिरजानहाट, मोहद्दीनगर, अलीगंज, मंदरोजा, लहेरीटोला आदि मुहल्लों के आयोजनों में जहां अंगभूमि की खूशबू विखरती थी, वहीं नगर के बंगाली टोला का क्षेत्र बंग संस्कृति की इंद्रधनुषी छंटा से निखर उठता था। यहां के मानिक सरकार चौक स्थित सरकार बाड़ी की दुर्गा पूजा 238 वर्ष पुरानी है। मूल रुप से यहां की पूजा बंगाल के वन्य पाड़ा (बन्नापाड़) से प्रारंभ हुई थी। किंतु 1779 में जब सरकार परिवार भागलपुर आकर बस गया तो यहीं पूजा मनाने लगा। यहां की देवी मूर्ति पारम्परिक ऐश्वर्य से युक्त लोककल्याणी स्वरुपा हैं, इस कारण सरकार बाड़ी की मान्यता जाग्रत शक्ति-स्थल के रूप में है। पहले यहां पूजा में नाटक-जात्रा खेले जाते थे जिसमें कभी प्रसिद्ध सिने अभिनेता अशोक कुमार के मामा आदमपुर राजबाटी निवासी शिला बाबू और शानू बाबू ने भी भाग लिये थे। पर अब वो पुरानी बात रही नहीं। इसी तरह मशाकचक की दुर्गा बाड़ी का इतिहास 200 साल से भी पुराना है। एक समय था जब  प्रख्यात साहित्यकार शरतचंद्र, बनफूल व पालित जैसे मशहूर लोग यहां की पूजा में शिरकत करते थे। बंगाली समाज के पूजा अनुष्ठान के केंद्रीय स्थल के रुप में प्रतिष्ठित मशाकचक में दिन में नियम-निष्ठा के साथ देवी की पूजा-आराधना, संध्या समय ढोल-ढाक की टंकार के साथ आरती व रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा साहित्यिक गोष्ठी के आयोजन होते थे। दशमी के दिन सिन्दूर-खेला में शरीक होने पूरे शहर की महिलाएं उमड़ पड़ती थीं। नगर के मानिक सरकार घाट के निकट स्थित कालीबाड़ी में दुर्गा पूजा का आयोजन स्थानीय बंगाली परिवारों के द्वारा 1941 से किया जा रहा है। वैसे इस मंदिर में सबसे पहले देवी काली की स्थापना 1926 में हुई थी जो ‘दक्षिणी काली’ के नाम से प्रसिद्ध है। पुराने लोग बताते हैं कि पहले यहां एक बरगद का पेड़ था जहां लोग नियमित रूप से पूजा अर्चना किया करते थे जहां आज कलात्मक वास्तु कला से सज्जित एक सुंदर मंदिर खड़ा है। सरकार दुर्गा बाड़ी और मशाकचक दुर्गा बाड़ी की तरह कालीबाड़ी में भी बांग्ला विधि-विधान के साथ पूजा होती है। कथाशिल्पी शरत् चंद्र का ननिहाल कालीबाड़ी के निकट है। शरत् ने अपनी कई रचनाओं में कालीबाड़ी की दुर्गापूजा सहित जगद्धात्री पूजा व कालीपूजा की चर्चा की है।

युबक संघ के पूजा का प्रचार शहर के चौक चौराहा पर.

 

बीते दिनों की पूजा की बात करें तो लाजपत पार्क के मेले, खुले मैदान में राम-रावण युद्ध व रावण-वध का लोग बेसब्री से इंतजार करते थे। मिरजानहाट के भरत-मिलाप के दर्शन हेतु बड़ी संख्या में लोग उमड़ते थे। नाथनगर के सीटीएस और गोलदारपट्टी में रामलीला की तैयारियां महीनों पूर्व शुरू हो जाती थी। पर अब तो सिर्फ रस्म अदायगी मात्र होती है।9

दुर्गा-पूजा आज भी भागलपुर में बड़े पैमाने पर आयोजित होती । मेले सजते हैं। लोग पूरे उत्साह से पूजा का आनंद उठाते हैं। नये दौर, नये युग और तकनीकी उन्नति के जमाने के मद्देनजर यह ठीक भी है। पर मेले के चकाचौंध में यदि हम अपनी पुरातन संस्कृति व परम्पराओं को सहेजकर न रख सकें तो अगली पीढ़ियों के लिये क्या कुछ शेष रह जायेगा।

PMCH में लगी कार में आग, बाल—बाल बचे डॉक्टर साहब

नव-बिहार न्यूज नेटवर्क (NNN),पटना : बिहार के सबसे प्रमुख और बड़े अस्पताल PMCH के कैंपस में आज सोमवार की शाम उस वक्त अफरा—तफरी मच गई जब एक डाक्टर की कार में अचानक आग लग गई. आग लगने के बाद उसे बुझाया नहीं जा सका और कार धू—धू कर पूरी तरह जल गई. घटना पीएमसीएच कैंपस के अंदर स्थित एक डॉक्टर के क्वार्टर में हुई.

दरअसल, जिस कार में आग लगी वो मारूती 800 थी. जिसे ड्राइव कर डॉक्टर साह​ब बाहर से पीएमसीएच स्थित अपने क्वार्टर लौटे थे. क्वार्टर के अंदर घुसते ही अचानक कार में आग लग गई. इस घटना में कार ड्राइव कर रहे डॉक्टर साहब बाल—बाल बच गए. वरना उनकी जान भी जा सकती थी.

आग इतनी तेजी से फैली के क्वार्टर के कैंपस के अंदर खड़ी दूसरी कार भी इसके लपेटे में आ गई. एक—एक दोनों कार जलने लगी. इस घटना से पीएमसीएच कैंपस के अंदर हड़कंप मच गया.

जानकारी मिलते ही पीरबहोर थाना के एसएचओ मो. कैसर और उनकी टीम मौके पर पहुंची. आग की बढ़ती लपटें किसी बड़े हादसे को अंजाम दे सकती थी. इसलिए लोगों के साथ मिलकर पुलिस टीम आग को बुझाने में जुट गई.

इसी बीच फायर ब्रिगेड की यूनिट भी मौके पर आ पहुंची. जिससे चंद समय में दोनों कारों में लगी आग पर काबू पा लिया गया. आग बूझने पर इसके कारणों का पता किया गया. जांच में पता चला कि जिस कार को डॉक्टर साहब ड्राइव कर रहे थे, उसमें बार बार शॉट सर्किट हो रहा था. शॉट सर्किट की वजह से ही कार में आग लगी.

नवगछिया: भ्रमरपुर की माता का फलता फूलता है आशीर्वाद

नवगछिया/भागलपुर: भ्रमरपुर स्थित नवद्वीप धाम दुर्गा मंदिर काफी शक्तिशाली एवं प्रसिद्ध है. यहां बांग्ला व तांत्रिक पद्धति से पूजा होती है. यह सिद्धपीठ माता का मंदिर है.

नवगछिया में मनाया गया उपाध्याय जी का जन्मदिन

नव-बिहार समाचार, नवगछिया। नया टोला स्थित खादी भंडार परिसर में रविवार को नरेंद्र मोदी विचार मंच के कार्यकर्ताओं ने भाजपा के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्मदिन मनाया। मौके पर मोदी जी की मन की बात को भी सुना गया।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष विनोद मंडल, विचार मंच जिला अध्यक्ष नन्हे सिंह, नगर अध्यक्ष सौरभ चौरसिया, जिला महामंत्री शरद जी, सूरज जी, पवन जी, अजय जी, संतोष मेहता और भी कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

भागलपुर में खुलेगा सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क

नव-बिहार न्यूज नेटवर्क, भागलपुर। जिले के सबौर प्रखंड क्षेत्र में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्‍स ऑफ इंडिया (एसटीआइपी) की स्थापना होगी। राज्य सरकार ने इसके लिए तीन एकड़ जमीन मांगी है। साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग ने गत सप्ताह जिला प्रशासन को इस संबंध में रिमाइंडर भेजकर भूमि चयन के कार्य को प्राथमिकता में रखने का निर्देश दिया है। जिस पर डीएम ने सबौर के सीओ को भूमि चिह्न्ति कर अविलंब रिपोर्ट मांगी है।

इस मामले को लेकर एडीएम ने अंचलाधिकारी से कहा है कि भूमि चयन कर प्रस्ताव शीघ्र दें ताकि हस्तांतरण संबंधी प्रस्ताव सूचना एवं प्रोद्यौगिकी विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा जा सके। डीएम ने कहा है कि सरकार ने जमीन के लिए कई रिमाइंडर भेजा है। सरकार इस प्रोजेक्ट को चालू वित्तीय वर्ष में ही प्रारंभ करना चाहती है। जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार जीरो माइल से इंजीनियरिंग कॉलेज के बीच सरकारी जमीन उपलब्ध है। इसलिए सीओ को जमीन चिह्न्ति करने को कहा गया है।’

रविवार, 24 सितंबर 2017

BHU में लड़कियों पर पुलिस ने दोबारा बरसाईं लाठियां, कैंपस में अघोषित कर्फ्यू

नव-बिहार न्यूज नेटवर्क (NNN), वाराणसी :  बनारस के बीएचयू में छात्राओं पर दोबारा लाठी चार्ज किये जाने से वहां का माहौल गरमा गया है. साथ ही छेड़खानी के विरोध में

नया आदेश: लघु खनिजों की ओवरलोडिंग पर वाहनों के परमिट होंगे रद

नव-बिहार समाचार, पटना : बिहार में लघु खनिजों की ओवरलोडिंग पर वाहनों द्वारा अब नियमों की अनदेखी कर निर्माण सामग्रियों की ढुलाई करने वाले ट्रकों और अन्य वाहनों के परमिट रद किए जाएंगे। ऐसे ट्रक व वाहन चालकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस भी रद किया जा सकता है। नियमों के अनुसार निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहनों को ढंकना अनिवार्य है।

बताते चलें कि परिवहन विभाग ने पिछले दिनों खान एवं भूतत्व विभाग को एक पत्र लिखकर शिकायत की थी कि लघु खनिजों की ढुलाई में ट्रक व ट्रैक्टर चालक परिवहन विभाग के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।

ओवरलोडिंग के साथ-साथ बिना ढंके लघु खनिजों की ढुलाई के कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है। साथ ही गीले बालू व अन्य लघु खनिजों के रिसने से सड़कों के साथ-साथ पुल-पुलियों को भी भारी नुकसान हो रहा है। परिवहन विभाग की शिकायत के बाद खान एवं भूतत्व विभाग ने अपने सभी उप निदेशकों, सहायक निदेशकों, खनिज विकास पदाधिकारियों व खान निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि लघु खनिजों की ढुलाई करने वाले सभी वाहनों की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। यदि ये नियमों का उल्लंघन करते पाए जाते हैं तो उनके परमिट रद किए जाएं। साथ ही चालकों के डाइविंग लाइसेंस जब्त कर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।’

नवगछिया: पेट्रोल पम्पकर्मी का हत्यारा गिरफ्तार

नव-बिहार समाचार (नस), नवगछिया : पुलिस जिला नवगछिया अंतर्गत खरीक थाना क्षेत्र के ध्रुबगंज स्थित पेट्रोल पंपकर्मी मुकेश साह हत्याकांड में खरीक पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी उमेश राम को गिरफ्तार किया है।

खरीक थानाध्यक्ष सुदीन राम ने बताया कि उमेश की गिरफ्तारी उसके घर खगडिया जिले के मानसी थाना क्षेत्र अंतर्गत अमनी गांव से की गई। उमेश का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। हत्या समेत कई संगीन मामलों में वह पहले भी जेल जा चुका है।

पुलिस सूत्रों की मानें तो उमेश की नक्सलियों से भी सांठगांठ है। गत 24 जून को खरीक थाना क्षेत्र में ध्रुबगंज गांव स्थित पेट्रोल पंप के कर्मचारी मुकेश साह की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के वक्त मुकेश केबिन में अकेला था। लूटपाट के इरादे से घटना को अंजाम दिया गया था। मुकेश के पिता विनोद साह के बयान और सीसी फुटेज के आधार पर चार नकाबपोश हथियारबंद अपराधियों पर हत्या का मामला थाने में दर्ज किया गया था।

खुशखबरी: बिहार के 120 टीचर ट्रेनिंग कॉलेजों में इस सत्र से होगा दाखिला, बिहार बोर्ड से मिली मंजूरी

नव-बिहार न्यूज नेटवर्क (NNN), पटना। राज्य के 120 टीचर ट्रेनिंग (डीएलएड) कॉलेजों में दाखिले की मंजूरी मिल गई है। शुक्रवार को हुई बिहार बोर्ड शासी निकाय की बैठक में इस पर मोहर लगी है। पिछले दो साल से यहां दाखिल की प्रक्रिया रुकी थी।

जानकारी के अनुसार जिन कॉलेजों को मान्यता मिली है, उनका स्थल निरीक्षण दो साल पहले दो बार किया जा चुका था। पर बोर्ड की ओर से मंजूरी प्रदान नहीं की जा रही थी। सुप्रीम कोर्ट से आदेश प्राप्त होने के बाद बोर्ड की ओर से शासी निकाय की बैठक कर इन कॉलेजों को मंजूरी दे दी गयी है। इन कॉलेजों में 2016 के रेगुलेशन के हिसाब से दाखिला लिया जाएगा। बोर्ड की ओर से पहली बार डीएलएड कोर्स के लिए रेगुलेशन बनाया गया है। इसके पहले बिना रेगुलेशन के कोर्स चलाए जा रहे थे।

सत्र 2015-17 की वार्षिक परीक्षाएं 44 डीएलएड कॉलेजों की रुकी 
डीएलएड कोर्स में पिछले दो सत्र की वार्षिक परीक्षा नहीं हो सकी है। सत्र 2014-16 और सत्र 2015-17 की वार्षिक परीक्षाएं रुकी हैं। इसमें 44 कॉलेजों का मामला फंसा हुआ है। इनमें 34 सरकारी और 10 निजी ट्रेनिंग कॉलेज हैं। इसका मामला भी कोर्ट में है।

पांच कॉलेजों की मान्यता हुई रद्द 
बिहार बोर्ड ने शासी निकाय की बैठक में पांच कॉलेजों की मान्यता को रद्द कर दिया है। इसमें दो वैशाली के कॉलेज हैं। राम विदेश सिंह महाविद्यालय धनुषी, वैशाली और संजय सिंह प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय अदजपुर दिघीकला हाजीपुर वैशाली की मान्यता रद्द की गयी है। इसके अलावा डिग्री भगत उच्च माध्यमिक विद्यालय गोपालगंज, जगन्नाथ बाबू बाल्मिकी सिंह इंटर कॉलेज, थावे गोपालगंज और आईिडयल हायर सेकेंड्री पब्लिक स्कूल, डेल्हा गया की मान्यता रद्द की गयी है।

दो कॉलेजों की मान्यता निलंबित 
बोर्ड की ओर से दो कॉलेजों की मान्यता निलंबित की गई है। इन कॉलेजों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद सही जवाब नहीं मिलने पर मान्यता रद्द की जाएगी। इनमें बीपीएम इंटरनेशनल उच्च माध्यमिक विद्यालय शाहपुर, सिरदला, नवादा और बह्रदेव सिंह सुमित्रा महाविद्यालय, बाली, वारिसलीगंज नवादा की मान्यता को निलंबित किया गया है।

क्या कहते हैं बोर्ड अध्यक्ष

बिहार बोर्ड ने शासी निकाय की बैठक में 120 टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए मंजूरी प्रदान की है। इन कॉलेजों में इसी सत्र में दाखिले की मंजूरी दी गयी है। कुछ कॉलेजों की मान्यता भी रद्द की गयी है। दो सत्रों की परीक्षा रुकी है, जिसका मामला कोर्ट में है। आदेश प्राप्त होते ही परीक्षा होगी।

 – आनंद किशोर, अध्यक्ष, बिहार बोर्ड

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